कहाँ के रिश्ते कहाँ के नाते 
यहीं के सब हैं यहीं रह जाते 
संसार एक मोहमाया जाल है 
योगी इसमें कहाँ फँस पाते 
तेरा जीवन तेरे करम पे 
तुझे वश करना है बस मन पे 
इसके जीते कब हारे जाते 
कहाँ के रिश्ते कहाँ के नाते

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