आत्मा के अमर होते ही 
भस्म हो गया शरीर 
संग पानी के डोलता फिरा 
चंचल मानव शरीर 

लिया इस जल को खींच
जड़ों ने, वृक्षों पौधों के 
बदली भस्म पुष्पों फलों 
वनस्पतिओं में 

भोजन स्वरुप वनस्पति को 
किया ग्रहण दम्पति ने 
यज्ञ किये शरीर में 
आत्माओं ने 

बदल रूप आई भस्म 
रक्त मांस के लघु कणों में 
जुड़े वो कण बिंदु 
गर्भ के क्षीर सागर में 

पुन  रूप बदल आई भस्मी 
लिए एक बालक का जीवन

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