कहाँ के रिश्ते कहाँ के नाते
यहीं के सब हैं यहीं रह जाते

संसार एक मोहमाया जाल है
योगी इसमें कहाँ फँस पाते

तेरा जीवन तेरे करम पर
वश करना है बस मन पर

मन को जीते कब हारे जाते
कहाँ के रिश्ते कहाँ के नाते

1 comments:

Anonymous said...

kya baat hai bahiya...

very good lines..straight from the heart...

sundeep swami