मानव सभ्य है या असभ्य
यदि सभ्य है
तो क्या ज़रुरत
संविधान और कानून की
यदि असभ्य है
तो क्या ज़रुरत
संविधान और कानून की
सभ्य समाज
संविधान, कानून
नियंत्रण और कचेहरी
अजब विडंबना है
आज हम लिखतें हैं तुम सुनना नहीं चाहते , कल जब सुनना चाहोगे लिखने वाला ना होगा ..........
1 comments:
vakayii mein..ajab vidambna hai
no words left with me..
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